निवेश अनुकूलता सूचकांक 2026 में गुजरात देश के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में उभरा है। इसके बाद महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गोवा और ओडिशा भी शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हैं। नीति आयोग ने आज नई दिल्ली में निवेश अनुकूलता सूचकांक 2026 जारी किया। इसमें वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए निवेश आकर्षित करने की दृष्टि से सबसे अच्छी स्थिति वाले राज्यों का उल्लेख है।
सूचकांक में बुनियादी ढांचे, कारोबारी माहौल, संसाधन, सरकारी नीति, नियामक सुगमता, संस्थागत वातावरण, वित्तीय स्थिति और पर्यावरणीय लचीलापन सहित आठ स्तंभों का उपयोग करके सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों का आकलन किया गया है। रिपोर्ट में शीर्ष प्रदर्शन वाले, अग्रणी, उभरते प्रदर्शन वाले और महत्वाकांक्षी राज्यों की चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने पिछले तीन दशकों में मजबूत आर्थिक विकास दर्ज किया है, लेकिन 2047 तक उच्च आय वाले देश का दर्जा हासिल करने के लिए और अधिक तेज विकास के साथ-साथ निवेश दर में वृद्धि की आवश्यकता है।
नीति आयोग ने कहा है कि यह सूचकांक राज्यों के लिए एक बेंचमार्क के रूप में काम करेगा। इससे राज्य निवेश वातावरण में सुधार और अधिक पूंजी आकर्षित करने, व्यापारिक विश्वास बढ़ाने और व्यापक आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सर्वोत्तम पद्धतियां अपना सकेंगे।
नीति आयोग की सीईओ निधि छिब्बर ने कहा कि यह सूचकांक केवल रैंकिंग के लिए नहीं है, बल्कि इसे एक व्यावहारिक सुधार उपकरण के रूप में तैयार किया गया है।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था रहा है। उन्होंने कहा कि निवेश कोई व्यर्थ चीज नहीं है, बल्कि इससे मांग में वृद्धि होती है।