अक्टूबर 13, 2026 7:27 पूर्वाह्न

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सरकार ने इस्पात क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए राष्ट्रीय इस्पात नीति-विजन 2047 का मसौदा तैयार किया

सरकार ने राष्ट्रीय इस्पात नीति-विजन 2047 का मसौदा तैयार कर लिया है। ये वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, तकनीकी रूप से उन्नत, पर्यावरण अनुकूल और संसाधन-कुशल इस्पात क्षेत्र के निर्माण के लिए दीर्घकालिक नीतिगत ढांचा प्रदान करता है। नीति का उद्देश्य वैश्विक इस्पात उद्योग में भारत की स्थिति को मजबूत करते हुए देश की बढ़ती इस्पात आवश्यकताओं को पूरा करना है।

नीति के अनुसार, देश की प्रति व्यक्ति इस्पात खपत 116 किलोग्राम से बढ़कर 302 किलोग्राम हो गई है, जबकि भारत का कच्चा इस्पात उत्पादन वर्ष 2014-15 में 8 करोड़ 9 लाख टन से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 17 करोड़ टन हो गया है। नीति में वर्ष 2047 तक देश के इस्पात निर्यात को साढ़े चार करोड़ टन तक बढ़ाने का अनुमान है। नीति के अनुसार भारत का लक्ष्य वर्ष 2047 तक कच्चा इस्पात उत्पादन क्षमता लगभग तीन गुना बढ़ाकर 60 करोड़ 40 लाख टन करना और तैयार इस्पात की मांग को 50 करोड़ 50 लाख टन तक बढ़ाना है।

मसौदे में बुनियादी ढांचे, आवास, परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा और उभरते विनिर्माण क्षेत्रों में इस्पात के अधिक उपयोग को बढ़ावा देने और स्वच्छ इस्पात उत्पादन पर बल दिया गया है। इसका उद्देश्य कच्चे इस्पात के प्रति टन 2 दशमलव 5-4 टन कार्बन डाइऑक्साइड के औसत उत्सर्जन को वर्ष 2047 तक 1 दशमलव 5-4 टन तक कम करना है।