मंत्रिमंडल ने एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण (आईटीएलए) के गठन को मंजूरी दी है। नई दिल्ली में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इससे परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में अनुसंधान, योजना, मूल्यांकन, निगरानी और प्रभाव आकलन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह देश में एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स योजना के लिए शीर्ष संस्था के रूप में काम करेगा। श्री वैष्णव ने कहा कि देश की सकल घरेलू उत्पाद करीब सात से आठ प्रतिशत की दर से बढ़ रही है और इसके साथ लॉजिस्टिक्स की मांग भी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए देशभर में कई राजमार्ग, रेलवे लाइन, जलमार्ग, हवाई अड्डे और नए बंदरगाह विकसित किए जा रहे हैं। एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण दस वर्ष की अवधि को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान तैयार करेगा।
परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार के साथ, आईटीएलए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की दीर्घकालिक एकीकृत योजना और कार्यान्वयन के बाद के प्रभाव आकलन में सहयोग करेगा। यह प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति जैसी मौजूदा पहलों का पूरक होगा। आईटीएलए एकीकृत योजना, परियोजना मूल्यांकन, निगरानी, डेटा विश्लेषण, लॉजिस्टिक्स नीति, क्षमता निर्माण और अनुसंधान सहित कई जिम्मेदारियों का निर्वहन करेगा। प्राधिकरण 10 वर्ष या उससे अधिक की योजना अवधि के साथ एक व्यापक राष्ट्रीय परिवहन मास्टर प्लान तैयार करेगा। इसमें सड़कें, रेलवे, बंदरगाह और जहाजरानी, नागरिक उड्डयन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय जहाजरानी, शहरी गतिशीलता और लॉजिस्टिक्स शामिल होंगे।
यह 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली परिवहन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी भी करेगा और समस्या समाधान के लिए एक समन्वित तंत्र प्रदान करेगा। आईटीएलए परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचारों को बढ़ावा देगा। आईटीएलए की स्थापना बहुआयामी कनेक्टिविटी को मजबूत करके, बुनियादी ढांचे की दक्षता में सुधार करके, लॉजिस्टिक्स लागत को कम करके और भारत की वैश्विक लॉजिस्टिक्स प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाकर भारत के विजन 2047 को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने छोटे और मझोले उद्यमों में इक्विटी निवेश के लिए दस हजार करोड़ रुपये के स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज ग्रोथ फंड की स्थापना को भी मंजूरी दी है।
श्री वैष्णव ने कहा कि यह फंड ऐसे छोटे और मझोले उद्यमों को लंबे समय के लिए इक्विटी पूंजी उपलब्ध कराएगा, जिनका कारोबार मजबूत है और जिनमें आगे विस्तार करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि फंड का अधिकांश हिस्सा विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े छोटे और मझोले उद्यमों में लगाया जाएगा।
यह फंड सेवा, प्रौद्योगिकी, नवाचार आधारित क्षेत्रों और रणनीतिक मूल्य श्रृंखला से जुड़े उद्यमों को भी सहयोग देगा।