विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि भू-स्थानिक तकनीक अब केवल नक्शे बनाने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि रक्षा और लॉजिस्टिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में इसका व्यापक उपयोग हो रहा है।
वे आज नई दिल्ली में भू-स्थानिक क्षेत्र में बदलाव के लिए सरकार और उद्योग जगत के बीच सहयोग पर आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। डॉ. सिंह ने कहा कि नए स्टार्टअप और उद्यमियों के जुड़ने से भू-स्थानिक तकनीक का तेजी से विस्तार होगा।
इस कार्यशाला का आयोजन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग तथा भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने संयुक्त रूप से किया। इसका विषय था- ‘विकसित भारत 2047 के लिए भू-स्थानिक अर्थव्यवस्था का संयुक्त रूप से निर्माण’।