भारत ने खाद्य सुरक्षा की रक्षा के लिए वैध राष्ट्रीय उपायों को भोजन के शस्त्रीकरण के रूप में मानने के खिलाफ चेतावनी दी है।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमरिका के मिल्वौकी में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के एक सत्र के दौरान यह बात कही।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि साझा मकसद यह सुनिश्चित करना होना चाहिए कि भोजन सुरक्षा, स्थिरता और सहयोग का ज़रिया बना रहे।
श्री गोयल ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने और उसे लागू करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मिल्वौकी में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान व्यापार और आर्थिक सुरक्षा के लिए यूरोपीय आयुक्त मारोस सेफकोविच के साथ बातचीत की।
दोनों पक्षों ने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद, विश्व व्यापार संगठन में सुधार और जी20 में साझा प्राथमिकताओं पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। भारत और यूरोपीय संघ ने इस साल 27 जनवरी को व्यापार समझौते के लिए बातचीत पूरी की; यह बातचीत 2007 में शुरू हुई थी और 2022 में इसे फिर से शुरू किया गया था।
यूरोपीय आयोग ने इस महीने की शुरुआत में हस्ताक्षर और समझौते को अंतिम रूप देने की मंज़ूरी के लिए यूरोपीय संघ परिषद को यह समझौता सौंपा। वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा है कि इस समझौते से व्यापार और निवेश के लिए और अधिक अवसर पैदा होंगे, जबकि प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, स्थानीय विनिर्माण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई भारत के औद्योगिक विकास के अगले चरण में मदद करेंगे।