अगस्त 1, 2026 9:20 अपराह्न | Flood

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ओडिशा में बाढ़ का प्रकोप जारी; केरल में लगातार बारिश से तबाही, छह लोगों की मौत

ओडिशा में महानदी का जलस्तर बढ़ने से कटक, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा और खुर्दा जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। हीराकुड बांध से 22 फाटकों के माध्यम से बाढ़ का पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके चलते दस निचले जिलों में हाई अलर्ट जारी है। आठ लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि दो लाख 69 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने आज बालासोर, भद्रक, जाजपुर, क्योंझर और मयूरभंज जिलों के बारह से अधिक बाढ़ प्रभावित ब्लॉकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ का पानी उतरने के 72 घंटों के भीतर नुकसान का आकलन पूरा किया जाए। साथ ही, सड़कों और बुनियादी ढांचे की बहाली में तेजी लाई जाए और फसल तथा घरों के नुकसान के लिए समय पर मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। मौसम विभाग ने राज्य के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान लगाया है।

केरलम में लगातार मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन और जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। मौसम विभाग ने आज नौ जिलों के लिए रेड अलर्ट और पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कोट्टायम, इडुक्की और मलप्पुरम जिलों से आज बारिश से संबंधित छह लोगों की मौत की सूचना मिली है। प्रभावित जिलों में 65 राहत शिविरों में 1400 से अधिक लोगों को पहुंचाया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया है कि आज बारिश से संबंधित घटनाओं में 17 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए, जबकि 127 घरों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। कई जिलों से कृषि फसलों को भी नुकसान की सूचना मिली है। तेज बारिश और पंबा नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सबरीमाला तीर्थयात्रियों को 2 और 3 अगस्त को मंदिर न जाने की सलाह दी गई है। कई नदियों और बांधों में जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अलर्ट किया है। केरलम, कर्नाटक और लक्षद्वीप के तटों पर मछली पकड़ने जैसे गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।