संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र से इतर न्यूयार्क में कल पहली वी-4 प्लस भारत विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक में हिस्सा लिया। बैठक वी-4 की मौजूदा स्लोवाक अध्यक्षता में हुई।
भारत और विसेग्राद समूह के बीच सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी तथा नवाचार, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला, रक्षा और सुरक्षा, संपर्क, शिक्षा, लोगों की आवाजाही और जनसंपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों पर चर्चा हुई। भारत और वी-4 देशों के कारोबारी, शैक्षणिक और शोध संस्थानों तथा अन्य हितधारकों के बीच संपर्क बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
मंत्रियों ने वैश्विक और क्षेत्रीय घटनाक्रम, शांति और सुरक्षा तथा बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग के मुद्दों पर भी विचार साझा किए। इसमें बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार और वैश्विक दक्षिण से जुड़े मुद्दों सहित मौजूदा वैश्विक चुनौतियों से निपटने की जरूरत पर चर्चा हुई।
मंत्रालय ने कहा कि पहली बैठक विदेश मंत्री स्तर पर भारत और विसेग्राद समूह के बीच संवाद स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वी-4 प्लस भारत प्रारूप संवाद और सहयोग के लिए एक अतिरिक्त मंच उपलब्ध कराता है और यह वी-4 देशों के साथ भारत के लंबे समय से चले आ रहे मजबूत संबंधों को आगे बढ़ाता है।
वी-4 प्लस भारत एक राजनयिक संवाद प्रारूप है, जिसमें भारत और मध्य यूरोप के चार देशों-पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य-का विसेग्राद समूह शामिल है। विसेग्राद समूह एक सांस्कृतिक और राजनीतिक गठबंधन है, जिसका उद्देश्य सैन्य, आर्थिक, सांस्कृतिक और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है।