वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने आज पश्चिम एशिया संकट के बीच ईंधन, उर्वरक और विदेश मुद्रा पर अधिक ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि घरेलू अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है।
मुम्बई में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक-सिडबी की 37वीं वर्षगांठ समारोह के एक कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने कहा कि डीजल और पेट्रोल के उत्पाद शुल्क में कटौती से राजस्व पर एक लाख करोड़ रुपये का असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सोने की अधिक कीमत बाहरी मोर्चे पर कुछ चुनौतियां उत्पन्न कर रहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश की नीतिगत प्रतिक्रिया को घरेलू विकास को बनाए रखने के हिसाब से तैयार किया गया है। वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की परोपकार संबंधी अपीलों के बाद एक संशयपूर्ण और निराशावादी माहौल बनाने वालों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत डर फैलाने का जोखिम नहीं उठा सकता।