विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा कि व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सी.ई.पी.ए.) पर हस्ताक्षर के बाद से भारत-यूएई द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है। मुंबई में यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान का स्वागत करते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि एक दशक से अधिक के निरंतर सहयोग के बाद यह संबंध एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में अपने वादे को पूरा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों और क्षेत्रीय परिस्थितियों के बावजूद, आर्थिक साझेदारी नए मानक स्थापित कर रही है। डॉ. जयशंकर ने कहा कि बढ़ते द्विपक्षीय निवेश दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में व्यवसायों के विश्वास को दर्शाते हैं, जबकि रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में यह सहयोग रणनीतिक स्वरूप प्राप्त कर रहा है।
विदेश मंत्री ने खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और संकट के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का आह्वान किया। उन्होंने व्यापार, ऊर्जा और उर्वरक के मुक्त, सुरक्षित और निर्बाध प्रवाह के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। उन्होंने देश में भारतीय समुदाय की भलाई सुनिश्चित करने के लिए यूएई का अभार व्यक्त किया।