प्रवर्तन निदेशालय की कोलकाता कार्यालय की टीम ने इंजीनियरिंग फर्म, मैकनली भारत इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (एमबीईसीएल) से जुड़े कोलकाता, दिल्ली और बेंगलुरु के 16 ठिकानों पर छानबीन कर रही है।निदेशालय ने बताया कि यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम-1999 यानी फेमा के अन्तर्गत की जा रही है। इसके दौरान फेमा के संभावित उल्लंघन और एमबीईसीएल का नियंत्रण हासिल करने में इस्तेमाल धन के स्रोत और लेन-देन की जांच की जा रही है।
प्रवर्तन निदेशालय यह भी जांच कर रहा है कि क्या दिवालियापन समाधान प्रक्रिया का इस्तेमाल ऐसे लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से कंपनी का नियंत्रण वापस दिलाने के लिए तो नही किया गया, जो दिवाला और दिवालियापन संहिता-2016 की धारा 29-ए के तहत इसके लिए पात्र नहीं थे।
प्रवर्तन निदेशालय इस बात की भी जांच कर रहा है कि दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2016 की धारा 29ए के तहत एमबीईसीएल दिवालियापन समाधान प्रक्रिया का उपयोग तो नही कर रही है।