दिल्ली की नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026 आज से लागू हो गई है। इस संबंध में दिल्ली सरकार ने राजपत्र अधिसूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि यह नीति मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत परिवहन विभाग द्वारा जारी की गई है।
नई नीति के अंतर्गत 30 लाख रुपये तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर पंजीकरण शुल्क और रोड टैक्स नहीं देना होगा। पुराना वाहन स्क्रैप कर नई इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
नीति के अनुसार, अप्रैल 2028 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का ही पंजीकरण किया जाएगा। चार चरणों में लागू की जाने वाली इस नीति का लक्ष्य 31 मार्च 2030 तक दिल्ली को शून्य-उत्सर्जन परिवहन की ओर ले जाना है।
इसके लिए दिल्ली सरकार 15 हज़ार करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें से 8 हज़ार करोड़ रुपये ईवी चार्जिंग और अन्य ज़रूरी ढांचे के विकास पर खर्च किए जाएंगे। साथ ही रोड टैक्स में छूट भी दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इस नीति से दिल्ली के लोगों को लगभग 15 हज़ार करोड़ रुपये का लाभ मिलने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य राजधानी को धीरे-धीरे प्रदूषण मुक्त बनाना है।