वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मेक इन इंडिया के 12 वर्ष पूरे होने पर कहा कि भारत अब केवल अपनी जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि दुनिया के लिए भी उत्पाद तैयार कर रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश में करीब 9.07 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड प्रत्यक्ष विदेशी निवेश-एफडीआई आया, जबकि 2014-15 से 2025-26 तक कुल एफडीआई प्रवाह 843 अरब डॉलर रहा।
श्री गोयल ने कहा कि पीएलआई योजनाओं के अंतर्गत 31 मार्च 2026 तक 2.40 लाख करोड़ रुपये का निवेश, 23.8 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन/बिक्री और 15.2 लाख करोड़ रुपये का निर्यात हुआ। इन योजनाओं से 14.6 लाख से अधिक रोजगार भी सृजित हुए। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया का अगला लक्ष्य भारत को वैश्विक विनिर्माण महाशक्ति बनाना है, जिससे 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।