मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने भारत के पास व्यापक विनिर्माण और समग्र सुधारों के माध्यम से विदेशी पूंजी आकर्षित करने की क्षमता है। नई दिल्ली में आयोजित 13वें पी.ए.एफ.आई वार्षिक मंच को संबोधित करते हुए श्री नागेश्वरन ने कहा कि उद्योग के लिए सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने कहा कि निवेश संबंधी निर्णय लेने का वैश्विक परिवेश अब बदल गया है, इसलिए इस संदर्भ में भारत के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रदर्शन का आकलन करना महत्वपूर्ण हो गया है।
श्री नागेश्वरन ने कहा निवेशक संरक्षण, कर नीति की निश्चितता और स्थिरता, और कुशल प्रतिभा की उपलब्धता भी निवेश निर्णयों को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक ब्याज दर का बदलता परिवेश भी पूंजी की लागत और सीमा पार निवेश प्रवाह पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।