सितम्बर 22, 2026 9:10 अपराह्न

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दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाओं के अंधाधुंध उपयोग पर सीडीएससीओ की चेतावनी

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने दर्द निवारक और एंटीबायोटिक दवाओं के अंधाधुंध उपयोग के खिलाफ चेतावनी जारी की है। इसमें दीर्घकालिक गुर्दा रोग के संबंधित जोखिम का उल्लेख किया गया है। एक परिपत्र के अनुसार गैर-स्टेरॉयडल सूजनरोधी दवाओं – एनएसएआईडी और एंटीबायोटिक दवाओं सहित सभी दवाओं की बिक्री और वितरण देश में केवल पंजीकृत चिकित्सक और विशेषज्ञ के पर्चे पर ही किया जाना अनिवार्य है।
 
इसमें इस बात पर बल दिया गया है कि इन दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय रूप से आवश्यक होने पर, उचित खुराक में, उचित अवधि के लिए और पंजीकृत चिकित्सक की देखरेख में ही किया जाना चाहिए। सीडीएससीओ ने व्यक्तियों, विशेष रूप से पहले से गुर्दे की बीमारी या किडनी खराब होने के अन्य जोखिम कारक वाले लोगों को एनएसएआईडी का उपयोग करने से पहले अपने चिकित्सक को सूचित करने की सलाह दी है। इसने अधिकांश सरल वायरल संक्रमण में आम जनता से स्व-उपचार के लिए या उन स्थितियों में एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन न करने का आग्रह किया है जहां एंटीबायोटिक उपचार चिकित्सकीय रूप से आवश्यक नहीं है।
 
इसमें स्वास्थ्य पेशेवरों को एनएसएआईडीएस और एंटीबायोटिक्स केवल चिकित्सकीय रूप से आवश्यक होने पर ही लिखने की अपील की गई है। इसके लिए रोगी की नैदानिक ​​स्थिति, आयु, सह-रुग्णता, साथ में ली जा रही दवाओं और संबंधित जोखिम कारकों पर विचार करने की अपील की गई है। इसमें यह भी कहा गया है कि फार्मासिस्ट और खुदरा विक्रेता एंटीबायोटिक्स या केवल डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाले एनएसएआईडीएस के साथ स्व-चिकित्सा को प्रोत्साहित या बढ़ावा न दें।
 
साथ ही, इसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के औषधि नियंत्रण प्राधिकरणों से स्वास्थ्य पेशेवरों, फार्मासिस्टों, खुदरा विक्रेताओं और आम जनता के बीच एनएसएआईडीएस और एंटीबायोटिक्स के अंधाधुंध उपयोग से जुड़े जोखिमों के बारे में जागरूकता पैदा करने का अनुरोध किया गया है।