विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए प्रचार ज़ोरों पर है। सभी राजनीतिक दलों ने प्रचार तेज़ कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी-भाजपा नेता और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी, भाजपा नेता दिलीप घोष रैलियों में शामिल हुए। भाजपा, सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस-टीएमसी के कथित कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार पर हमला कर रही है। वहीं तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने कल संविधान संशोधन विधेयक की हार का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ेगा।
आज भाजपा नेता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उत्तर 24 परगना जिले के कमरहट्टी में पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में पश्चिम बंगाल पिछड़ गया है। भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उत्तर बंगाल में जनसभाओं में आरोप लगाया कि टीएमसी ने पश्चिम बंगाल में भय का माहौल बना दिया है। भाजपा नेता हिमंता बिस्वा सरमा ने आज उत्तर बंगाल में पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में रैलियों में भाग लिया।
तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बंद्योपाध्याय ने मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का में रोड शो किया। उन्होंने भाजपा नेताओं द्वारा पश्चिम बंगाल के प्रति कथित उपेक्षा को लेकर भाजपा पर हमला किया। कांग्रेस नेता और तेलंगाना के मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन मुर्शिदाबाद और मालदा जिलों में जनसभाओं में शामिल हुए। पश्चिम बंगाल में वामपंथी और अन्य दलों ने भी चुनाव प्रचार तेज कर दिया है।
वहीं तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार तेज हो गया है। राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के प्रमुख नेता राज्य भर में चुनावी रैलियां कर रहे हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोयंबटूर के कोडिसिया में एनडीए की रैली को संबोधित किया। श्री मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन नहीं करने के लिए विपक्षी दलों की कडी आलोचना की। रैली में ऑल इंडिया अन्ना डीएमके नेता इडाप्पाडी के. पलानीसामी भी मौजूद थे।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रानीपेट और थुरैयूर में प्रचार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा, ऑल इंडिया अन्ना डीएमके के जरिए तमिलनाडु पर नियंत्रण करना चाहती है। उन्होंने केंद्र के दबाव का विरोध करने के लिए मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की सराहना भी की।
तमिलगा वेत्री कज़गम के नेता विजय ने डीएमके सरकार पर उनकी पार्टी के चुनाव प्रचार में बाधा डालने का आरोप लगाया।
निर्वाचन आयोग ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए डाक मतदान कई जिलों में संपन्न हो चुका है और अब तक लगभग एक लाख 41 हजार मतदाताओं ने अपने मत डाले हैं।
तमिलनाडु में एक ही चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार 21 अप्रैल को समाप्त होगा। सभी 234 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान 23 अप्रैल और मतगणना 4 मई को होगी। कोयंबटूर और दक्षिणी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों सहित संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।