भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे करने पर उनकी सराहना की है। एक हिंदी दैनिक में प्रकाशित लेख में श्री टोबगे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की विकास यात्रा का महत्व अब केवल भारत ही नहीं, बल्कि उसके पड़ोसी देशों और ग्लोबल साउथ के लिए भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का दृष्टिकोण भारत की सीमाओं से कहीं आगे तक असर डालता है और भूटान जैसे देशों के लिए भी इसका विशेष महत्व है।
श्री टोबगे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की विदेश नीति में पड़ोसी देशों को विशेष महत्व दिया है। उन्होंने ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने के लिए भारत के प्रयासों की भी सराहना की। इनमें ग्लोबल साउथ की आवाज शिखर सम्मेलनों का आयोजन और अफ्रीकी संघ को जी-20 के स्थायी सदस्य के रूप में शामिल करने की भारत की पहल प्रमुख है। श्री टोबगे ने कहा कि “भारत फॉर भूटान” यानी “भूटान के लिए भारत” की भावना आज पूरे हिमालयी देश में दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि भारत स्कूलों और अस्पतालों, सड़कों और पुलों, जलविद्युत, प्रौद्योगिकी, कृषि और उद्यमिता जैसे कई क्षेत्रों में भूटान का सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि भूटान के विकास के लिए शुरू की गई बड़ी परियोजनाओं के मद्देनजर दोनों देशों की साझेदारी और महत्वपूर्ण हो गई है।
श्री टोबगे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इन परियोजनाओं के लिए भारत के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। रेल संपर्क, सीमा संबंधी बुनियादी ढांचे और बेहतर हवाई तथा डिजिटल संपर्क के क्षेत्र में यह सहयोग आगे बढ़ रहा है। भूटान के प्रधानमंत्री ने भूटान की लगातार पांच वर्षीय योजनाओं में भारत की भूमिका को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भूटान की 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान भारत की मदद से उनकी पहली सरकार ने महत्वाकांक्षी विकास कार्यक्रम लागू किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान की 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान भी इस साझेदारी को आगे बढ़ाया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में दोबारा सत्ता में आने के बाद भारत ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के लिए अपना सहयोग बढ़ाकर 10 हजार करोड़ रुपये कर दिया। श्री टोबगे ने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि का पड़ोसी देशों के विकास में उसके योगदान की क्षमता पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने याद किया कि जून 2014 में भारत का प्रधानमंत्री बनने के कुछ ही सप्ताह बाद नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भूटान को चुना था।