सितम्बर 4, 2026 5:51 अपराह्न

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झारखंड में तडाशा मिश्रा को पुलिस महानिदेशक नियुक्त करने से निर्देश का उल्लंघन हुआ है: सर्वोच्च न्यायालय

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि झारखंड में तडाशा मिश्रा को पुलिस महानिदेशक नियुक्त करने से निर्देश का उल्लंघन हुआ है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश में कहा गया था कि किसी भी अधिकारी की नियुक्ति के समय उसका कम से कम छह महीने का सेवाकाल बचा हुआ हो।

श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार ने पिछले वर्ष दिसंबर में 1994 बैच की भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी सुश्री तडाशा मिश्रा को उनकी सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया था।

राज्यों द्वारा पुलिस महानिदेशकों की नियुक्ति से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने यह टिप्पणी की थी। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मारांडी ने राज्य में पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति के नियमों में संशोधन के खिलाफ यह याचिका दाखिल की थी। वरिष्ठ अधिवक्ता और एमिकस क्यूरी राजू रामचन्द्रन ने न्यायालय के 18 अगस्त के आदेश के बाद नोट प्रस्तुत किया था।

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले पुलिस महानिदेशक के पद पर नियुक्ति, प्रकाश सिंह मामले में दिए गए निर्णयों में निर्धारित सिद्धातों का पूर्ण उल्लंघन है।

वर्ष 2006 में शीर्ष अदालत ने कहा था कि राज्यों में पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति संघ लोक सेवा आयोग के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल में से उनके सेवा रिकॉर्ड, अनुभव और उपयुक्त्ता के आधार पर की जाए।