सितम्बर 21, 2026 2:11 अपराह्न

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स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा- दवाओं के दुष्प्रभावों की निगरानी में भारत की यात्रा आत्मनिर्भरता का उल्लेखनीय उदाहरण

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा है कि दवाओं के दुष्प्रभावों और प्रतिकूल प्रतिक्रिया की निगरानी में भारत की यात्रा पिछले वर्षों में आत्मनिर्भता का एक उल्लेखनीय उदाहरण रही है। नई दिल्ली में नेशनल फॉर्म्यूलरी ऑफ इंडिया के 7वें संस्करण को जारी करते हुए उन्होंने यह बात कही। सुश्री पटेल ने बताया कि देश में दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों की निगरानी के लिए फिलहाल 1100 से अधिक केंद्र कार्यरत हैं और सरकार का उद्देश्य इनकी संख्या प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों के स्तर तक ले जाने का है। उन्होंने कहा कि विश्व में 25 देश भारतीय औषध संहिता को मान्यता देते हैं और स्‍वीकार करते हैं। उन्होंने बताया कि भारत अब दवाओं के दुष्प्रभावों और प्रतिकूल प्रतिक्रिया की निगरानी से जुडे आंकड़े विश्व स्वास्थ्य संगठन के रोगी सुरक्षा डेटाबेस को दे रहा है। सुश्री पटेल ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को यह जानकारी देने की सूची में भारत 2014 में 123वें स्थान से आगे बढ़कर 8वें स्थान पर पहुंच गया है। भारत ने यह उपलब्धि वर्ष 2025 में हासिल की।

सुश्री पटेल ने लोगों से बिना चिकित्‍सकीय सलाह के दवा न लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी दवा के अचानक या अप्रत्‍याशित दुष्प्रभाव होने पर उसे नजर अंदाज न करें।