भारत और म्यांमा के बीच दो दिन की बैठक कल नई दिल्ली में संपन्न हुई। इस 23वीं राष्ट्रीय स्तर की बैठक में दोनों पक्षों ने सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। गृह मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने आतंकवाद, उग्रवाद, मादक पदार्थों, हथियारों, वन्यजीव और मानव तस्करी, साइबर अपराध तथा संगठित अपराधों सहित अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने खुफिया जानकारी साझा करने और साझा सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान करने के लिए क्षमता निर्माण पहलों को अपनाने पर भी सहमति व्यक्त की।
उन्होंने भारत-म्यांमार सीमा पर मौजूदा सुरक्षा स्थिति की भी समीक्षा की। म्यांमा ने आश्वासन दिया कि उसकी भूमि का उपयोग भारत के सुरक्षा हितों के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा। दोनों पक्षों ने कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट परियोजना और भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग को पूरा करने की दिशा में मिलकर काम करने के महत्व पर सहमति व्यक्त की।
भारत ने पड़ोसी प्रथम, एक्ट ईस्ट और क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक तथा समग्र उन्नति- महासागर नीतियों में म्यांमार का महत्वपूर्ण स्थान है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह सचिव गोविंद मोहन और म्यांमा प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व गृह मंत्रालय के उप मंत्री मेजर जनरल मिन थू ने किया।