19वां मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव-एमआईएफएफ-2026 आज संपन्न हो गया। इसके साथ ही सात दिवसीय गैर-काल्पनिक सिनेमा का उत्सव समाप्त हो गया। समापन समारोह मुंबई के रवींद्र नाट्य मंदिर में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अपर सचिव प्रभात और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता वर्ग में सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र के लिए पोलैंड की फिल्म ‘सिल्वर’ को स्वर्ण शंख पुरस्कार मिला, जबकि ‘मायाज़ सॉन्ग’ को सर्वश्रेष्ठ एनिमेशन फिल्म के लिए रजत शंख और ‘अंडर द स्नो’ को सर्वश्रेष्ठ लघु कथा फिल्म के लिए रजत शंख पुरस्कार प्राप्त हुआ।
राष्ट्रीय प्रतियोगिता वर्ग में सर्वश्रेष्ठ एनिमेशन फिल्म के लिए रजत शंख ‘आर्मस्ट्रांग फ्रॉम अंगालम्मन कोविल स्ट्रीट’ को दिया गया। सर्वश्रेष्ठ लघु कथा फिल्म के लिए रजत शंख ‘स्मॉल क्लाउड्स’ को मिला, जबकि ‘वाई’ ने सर्वश्रेष्ठ वृत्तचित्र फिल्म के लिए रजत शंख पुरस्कार जीता। ‘द ओल्ड बुल नोज़, ऑर वन्स न्यू’ को सर्वश्रेष्ठ छात्र फिल्म का पुरस्कार मिला, जबकि ‘द लास्ट शेल्टर’ ने ‘विकसित भारत/वंदे मातरम के 150 वर्ष/भारत@2026’ विषय पर बनी सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का पुरस्कार जीता।
इस अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव को गैर-कथा सिनेमा के लिए दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित समारोहों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से यह समारोह एक राष्ट्रीय मंच से विकसित होकर कलात्मक उत्कृष्टता, सांस्कृतिक विविधता और सार्थक कहानी कहने का जश्न मनाने वाले एक वैश्विक आंदोलन में तब्दील हो गया है। वृत्तचित्रों, लघु फिल्मों और एनिमेशन के महत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में इनका महत्व मनोरंजन से कहीं अधिक है। उन्होंने ग्रामीण और जनजातीय समुदायों के युवाओं के साथ-साथ महिलाओं से भी अपनी अनूठी कहानियों को सामने लाने का आह्वान किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विवेकपूर्ण और समझदारी से उपयोग की आवश्यकता पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि फिल्म निर्माताओं के बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। इस अवसर पर महोत्सव निदेशक और राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम के प्रबंध निदेशक प्रकाश मगदुम, फिल्म निर्माता आशुतोष गोवारिकर, जूरी सदस्य और फिल्म जगत के सदस्य उपस्थित थे।