मध्यप्रदेश विधानसभा ने आज समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी विधेयक पारित कर दिया। मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में हंगामे और विपक्ष के कड़े विरोध के बीच यह विधेयक पारित हुआ।
कांग्रेस विधायकों ने बिल को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की लेकिन सरकार ने यह मांग खारिज कर दी। इसके बाद विपक्षी विधायक सदन के बीच में आकर नारेबाजी करने लगे और कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। लेकिन सरकार ने बहुमत के बल पर बिल पास करा लिया। अब यह विधेयक राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही मध्यप्रदेश में यूसीसी लागू हो जाएगी।
यूसीसी के प्रमुख प्रावधानों के अनुसार प्रदेश में एक से अधिक विवाह मान्य नहीं होगा। तलाक की प्रक्रिया कानूनी होगी। महिला और पुरुष को समान उत्तराधिकार का अधिकार मिलेगा। लिव-इन रिलेशनशिप में एक महीने के भीतर पंजीकरण अनिवार्य होगा और विवाह का रजिस्ट्रेशन ग्रामीण स्तर तक जरूरी किया जाएगा। आदिवासी समाज को इससे अलग रखा गया है।