भारत ने इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष के समाधान के लिए दो-राष्ट्र समाधान के प्रति अपने स्पष्ट और निरंतर समर्थन को दोहराया है। विदेश मंत्रालय में सचिव-पश्चिम सिबी जॉर्ज ने कल न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र से अलग दो-राष्ट्र समाधान के कार्यान्वयन के लिए वैश्विक गठबंधन की उच्च मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत राजनीतिक समर्थन के साथ व्यावहारिक सहयोग पर भी जोर देता है।
श्री जॉर्ज ने फ्रांस की अध्यक्षता में हुई जी-7 विकास मंत्रियों की दूसरी बैठक में भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि भारत का विकास मॉडल जन-केंद्रित और समावेशी है तथा ‘सर्वोदय’ के सिद्धांत पर आधारित है। उन्होंने कहा कि विकास केवल आर्थिक मदद देने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की क्षमता बढ़ाने और उसे मजबूत बनाने से जुड़ा है।
इससे पहले, श्री जॉर्ज ने घाना, जर्मनी और फ्रांस की सह-मेजबानी में आयोजित सुधारात्मक न्याय से संबंधित उच्चस्तरीय बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने सांस्कृतिक संपत्तियों और विरासत को उनके मूल देशों और समुदायों को वापस लौटाने तथा पुनर्स्थापित करने के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत ने समावेशी विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और बहुपक्षीय सुधारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र में भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए श्री जॉर्ज ने समावेशी विकास, वैश्विक सहयोग और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने विकास के अधिकार पर समझौते को जल्द से जल्द अपनाने की वकालत की। यह सत्र विकास के अधिकार संबंधी घोषणा की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया।