नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य), प्रोफेसर एम. श्रीनिवास ने बाल आयु वर्ग में तंत्रिका विकास संबंधी विकारों पर एक बहु-हितधारक परामर्श की अध्यक्षता की। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान-एम्स नई दिल्ली सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और अन्य के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र प्रारंभिक पहचान, समय पर हस्तक्षेप, देखभाल, सेवा वितरण को सुदृढ़ करना और अंतर-क्षेत्रीय समन्वय था, जिसमें जीवन के पहले हजार दिनों के महत्व पर बल दिया गया।
नीति आयोग ने कहा कि परामर्श ने ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार और अन्य तंत्रिका विकास संबंधी विकारों के लिए तंत्रिका विकास संबंधी देखभाल को सुदृढ़ करने के लिए सरकारी और समग्र सामाजिक तथा साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण की आवश्यकता का उल्लेख किया। आयोग ने कहा कि इन प्रयासों से पुनर्वास और सहायता सेवाओं तक पहुंच में सुधार हो सकता है और प्रत्येक बच्चे को अपनी पूर्ण विकासात्मक क्षमता प्राप्त करने में सक्षम बनाया जा सकता है।