उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भारत की सांस्कृतिक जड़ों को सुरक्षित रखने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि संस्कृति देश को एकजुट करने वाली मजबूत कड़ी है। नई दिल्ली में कल अंतर-हृदय कनेक्ट मल्हार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने युवाओं, विशेष रूप से जेन ज़ी, से धैर्य और जिम्मेदारी के साथ व्यवस्था को बेहतर और मजबूत बनाने में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को भारत की अलग-अलग सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने वाले कार्यक्रम जरूरी हैं। इससे उनमें देश के प्रति जुड़ाव की भावना मजबूत होती है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की शास्त्रीय संगीत परंपराएं सदियों से इसलिए कायम हैं, क्योंकि समय के साथ उनमें बदलाव आया, लेकिन उनका मूल स्वरूप बना रहा। उन्होंने कहा कि संगीत सभी लोगों तक पहुंचना चाहिए, क्योंकि यह सुकून देता है और अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोगों को जोड़ता है।