सितम्बर 26, 2026 11:32 पूर्वाह्न

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अमरीका में कुछ एच-1बी वीजा आवेदनों पर एक लाख डॉलर से अधिक का शुल्क लगाने के प्रस्ताव का विरोध

अमरीका के 22 महान्‍यायवादियों के एक गठबंधन ने ट्रंप प्रशासन द्वारा कुछ एच-1बी वीजा आवेदनों पर एक लाख डॉलर से अधिक का शुल्क लगाने के प्रस्ताव का विरोध किया है। उनका तर्क है कि यह कदम गैरकानूनी है और इससे शिक्षकों, डॉक्टरों और नर्सों की कमी और बढ़ जाएगी।

यह चुनौती भारतीय पेशेवरों और उन अमरीकी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण है जो उच्च कुशल श्रमिकों की भर्ती के लिए एच-1बी कार्यक्रम पर बहुत अधिक निर्भर हैं।

महान्‍यायवादियों ने कहा कि प्रस्तावित शुल्क से राज्य और स्थानीय संस्थानों के लिए कुशल विदेशी पेशेवरों की भर्ती करना और भी मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य आवश्यक सेवाओं में पेशेवरों की कमी का हवाला दिया।

प्रस्तावित शुल्‍क नियम को वापस लेने के लिए अमरीकी नागरिकता और अप्रवासन सेवा कार्यालय को एक औपचारिक टिप्पणी पत्र भेजने में वर्जीनिया के महान्‍यायवादी जे जोन्स ने गठबंधन का साथ दिया।

वर्जीनिया के अलावा, गठबंधन में कैलिफोर्निया, मैसाचुसेट्स, एरिजोना, कोलोराडो, कनेक्टिकट, डेलावेयर, हवाई, इलिनोइस, मेन, मैरीलैंड, मिशिगन और मिनेसोटा के महान्‍यायवादी शामिल हैं।

इसमें नेवादा, न्यू जर्सी, न्यू मैक्सिको, न्यूयॉर्क, नॉर्थ कैरोलिना, ओरेगन, वाशिंगटन, विस्कॉन्सिन और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया भी शामिल हैं।

महान्‍यायवादियों के गठबंधन के अनुसार, ट्रंप प्रशासन प्रस्तावित शुल्क से राज्यों पर पड़ने वाले बोझ को उचित ठहराने में विफल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन ने कम नुकसानदायक विकल्पों पर पर्याप्त विचार नहीं किया है। उन्होंने तर्क दिया कि कार्यपालिका कांग्रेस की अनुमति के बिना ऐसा शुल्‍क नहीं लगा सकती।

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