आयुष राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने कहा है कि योग भारत के प्राचीन ज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है और निवारक स्वास्थ्य देखभाल और संतुलित जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। श्री जाधव ने आज खजुराहो में आयोजित “योग महोत्सव – अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 25 दिन पहले आयोजित बैठक में भाग लेते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था में स्वस्थ रहने के लिए नियमित रूप से योग का अभ्यास करना अनिवार्य है।
श्री जाधव ने बताया कि योग भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि सरकार निरंतर जनहित और जागरूकता अभियान के माध्यम से योग को हर गांव, घर, विद्यालय, कार्यालय और समुदाय तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व का उल्लेख करते हुए श्री जाधव ने कहा कि योग और आयुष आहार जैसी पहल संतुलित पोषण, अनुशासित जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देती हैं।
इस अवसर पर श्री जाधव ने ऑनलाइन पंजीकरण को सुगम बनाने और वर्ष 2026 के लिए जनभागीदारी बढ़ाने हेतु योग संगम पोर्टल का पुनः शुभारंभ किया और राज्यों तथा संस्थानों में योग के लिए समर्पित स्थान विकसित करने हेतु योग पार्क पोर्टल का भी शुभारंभ किया। उन्होंने योग, स्वास्थ्य और कल्याण के संदेश वाली एक नई डिज़ाइन की योग टी-शर्ट का भी अनावरण किया। उन्होंने बताया कि योग 365 अभियान के अंतर्गत एक सौ दिन के निशुल्क योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में दो लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया है और योग मित्र प्रमाण पत्र प्राप्त किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के बाद 2014 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को अपनाने के बाद समग्र स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक वैश्विक आंदोलन के रूप में विकसित हुआ है इस वर्ष मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का विषय है-स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग। समारोह का मुख्य कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित किया जाएगा।