प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मूल्यवान विरासत को सुरक्षित रखने हेतु आवश्यक है। वन्यजीव सप्ताह 2026 के अवसर पर अपने संदेश में, श्री मोदी ने नागरिकों से वन्यजीवों और उनके आवासों की रक्षा में योगदान देने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जानवरों की सुरक्षित आवाजाही और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए जुड़े हुए आवास और वन्यजीव गलियारे आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, राज्यों के सहयोग से, वन्यजीव गलियारों की पहचान और संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने चीता परियोजना की सफलता का हवाला देते हुए पिछले दशक में वन्यजीव संरक्षण में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, गैंडा, नदी डॉल्फिन और हिम तेंदुए जैसी प्रजातियों के संरक्षण प्रयासों के बारे में भी जानकारी दी। श्री मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस के माध्यम से बड़ी जंगली बिल्ली संरक्षण के लिए वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने में भारत की भूमिका का भी जिक्र किया।