अक्टूबर 2, 2026 8:43 अपराह्न

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने वैश्विक व्यापार विकृतियों को दूर करने के लिए डब्ल्यूटीओ के अनुरूप दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने वैश्विक व्यापार विकृतियों को दूर करने के लिए विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के अनुरूप दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया है। श्री गोयल ने अमरीका के मिलवॉकी में जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के समापन दिवस पर यह बात कही।

श्री गोयल ने कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है, जिसकी घरेलू मांग पर आधारित अर्थव्यवस्था 140 करोड़ लोगों की जरूरतों को पूरा करती है। उन्होंने कहा कि भारत डिजाइन से लेकर तैयार माल तक विनिर्माण मूल्य शृंखलाओं का निर्माण कर रहा है, जो वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में विश्वसनीय कड़ी है। श्री गोयल ने कहा कि भारत की विनिर्माण क्षमता घरेलू और वैश्विक मांग की पूर्ति कर रही है।

श्री गोयल ने कहा कि भारत कई सदस्य देशों की इस चिंता से सहमत है कि कुछ देशों द्वारा अपनी अर्थव्यवस्थाओं में दिए जाने वाले अनुचित समर्थन से वैश्विक बाजार में डंपिंग और नुकसानदेह मूल्य निर्धारण की स्थिति पैदा होती है। उन्‍होंने कहा कि इन चिंताओं से निपटने के लिए उठाए जाने वाले कदम पूरी तरह साक्ष्य-आधारित होने चाहिए और विश्व व्यापार संगठन के नियमों के दायरे में न्यायिक समीक्षा के अधीन होने चाहिए।

श्री गोयल ने स्पष्ट किया कि आपूर्ति शृंखलाओं में विविधता लाने के नाम पर डब्ल्यूटीओ के नियमों से बाहर जाकर कोई एकतरफा कदम नहीं उठाया जाना चाहिए। उन्नत कहा कि देशों को ऐसा कोई नियम नहीं थोपना चाहिए जिससे विकासशील देशों पर अनुचित बोझ पड़े, क्योंकि इन देशों को अपने औद्योगीकरण के लिए नीतिगत स्वतंत्रता बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सांख्यिकी और डेटा का आदान-प्रदान मौजूदा तंत्रों के भीतर ही होना चाहिए।