केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने स्पष्ट किया है कि बृहत्तर हैदराबाद का व्यापक विकास मात्र नारों से नहीं, बल्कि तभी संभव है जब प्रशासनिक तंत्र पूर्ण समन्वय के साथ और जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप वैज्ञानिक योजनाओं के साथ कार्य करे। हैदराबाद जिला दिशा समिति की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने अधिकारियों से हैदराबाद में जन समस्याओं के समाधान करने के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण और निधियों के उचित उपयोग के अथक प्रयास करने का आह्वान किया।
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि केंद्र सरकार के पास अनेक कल्याणकारी एवं विकास योजनाएं उपलब्ध हैं और राज्य के अधिकारियों को उचित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करके भेजनी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि अधिकारी नियमों के अनुसार प्रस्ताव भेजते हैं, तो वे हैदराबाद और तेलंगाना के लिए केंद्र सरकार से निधि स्वीकृत कराने की जिम्मेदारी लेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हैदराबाद महानगर का विस्तार हो रहा है, फिर भी शहर को एक इकाई के रूप में ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि हैदराबाद, मेडचल-मलकाजगिरि और अन्य जिलों के कलेक्टरों तथा जीएचएमसी और साइबरबाद सीमा के अंतर्गत आने वाले तीनों नगर आयुक्तों को आपसी समन्वय के साथ मिलकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यद्यपि मेट्रो और मूसी नदी के सौंदर्यीकरण जैसी बड़ी परियोजनाएं सरकारी योजनाओं के अनुसार चल रही हैं, फिर भी सरकार और अधिकारियों को आम जनता द्वारा प्रतिदिन महसूस की जाने वाली नागरिक समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।