पश्चिम बंगाल सरकार ने सातवें वेतन आयोग का गठन कर दिया है। आयोग राज्य सरकार और सरकारी सहायता प्राप्त संगठनों के कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते, पदोन्नति और पेंशन से संबंधित संशोधनों की सिफारिश करेगा। आयोग अगले छह महीनों के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
अधिसूचना के अनुसार, आयोग कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने और स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखने पर भी जोर देगा।
पूर्व केंद्रीय वित्त सचिव और भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी अतनु चक्रवर्ती को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। नीति अनुसंधान केंद्र के वरिष्ठ फेलो पार्थ मुखोपाध्याय और भारतीय प्रबंध संस्थान कोलकाता के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर पार्थ प्रतीम पाल इसके सदस्य नियुक्त किए गए हैं। वित्त सचिव देबी प्रसाद कर्णम सदस्य-सचिव के रूप में कार्य करेंगे।