मई 26, 2026 7:31 पूर्वाह्न

printer

उत्तर प्रदेश सरकार ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किया

उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों के नए निकाय गठित होने तक या अधिकतम छह महीने की अवधि के लिए निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किया है। राज्य की ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल आज समाप्त हो रहा है। निवर्तमान प्रधान स्वयं पंचायतों का प्रशासन संभालेंगे।
 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, सभी जिला मजिस्ट्रेटों को ग्राम पंचायतों में निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक के रूप में नामित करने का अधिकार दिया गया है। ये निवर्तमान प्रधान कल से प्रशासक के रूप में कार्यभार संभालेंगे। प्रशासकों को केवल नियमित और दैनिक कार्यों को करने की अनुमति होगी तथा उन्हें कोई भी नीतिगत निर्णय लेने की अनुमति नहीं होगी।
 
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी परिस्थिति में कोई नीतिगत निर्णय आवश्यक हो, तो जिला मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के बाद ही निर्णय लिया जा सकता है।
 
ग्राम पंचायत के प्रधानों का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है। कार्यकाल समाप्त होने के बाद और  पंचायतों के प्रधान बनने तक राज्य सरकार को प्रशासकों की नियुक्ति करने का अधिकार है।