सरकार ने कहा है कि संशोधित व्यवस्था के तहत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के 29 मामलों के बारे में सूचना मिली है। इनमें 4800 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश शामिल हैं। ये निवेश सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना और संचार, विनिर्माण, औषधि, डेटा सेंटर और परिवहन सेवाओं सहित कई क्षेत्रों से संबंधित हैं।
विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम-गैर-ऋण साधन संशोधन नियम के तहत एक मई को अधिसूचित संशोधित व्यवस्था से भारत में विदेशी निवेश का प्रवाह आसान और तेज हुआ है। इसके अंतर्गत भारत के साथ सीमा साझा करने वाले देशों के निवेशकों के गैर-नियंत्रणकारी स्वामित्व के 10% तक के मामलों में पहले से सरकारी मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने बताया कि इन 29 निवेशों के बारे में मॉरीशस, अमरीका, दक्षिण कोरिया, जापान, सिंगापुर, लक्जमबर्ग और केमैन द्वीप समूह सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्थित निवेशकों ने सूचना दी है।मंत्रालय ने कहा कि इस सुधार से निवेशकों को अधिक स्पष्टता मिलेगी, लेन-देन में लगने वाला समय कम होगा और भारत में कारोबार करना अधिक आसान होगा।