सितम्बर 11, 2026 9:45 अपराह्न

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ईडी ने बंबई उच्च न्यायालय को बताया है कि बैंक कर्ज वसूली से विजय माल्या पर लगे धनशोधन के आरोप खत्म नहीं होते

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बंबई उच्च न्यायालय को बताया है कि बैंक के कर्ज की वसूली हो जाने से शराब कारोबारी विजय माल्या पर लगे धनशोधन के आरोप खत्म नहीं होते। ईडी ने अदालत में दाखिल हलफनामे में माल्या की वर्ष 2020 की उस याचिका का विरोध किया, जिसमें माल्‍या ने अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों को बंद करने की मांग की थी।

ईडी ने कहा कि 14 हजार 131 करोड़ 60 लाख रुपये की संपत्तियां भारतीय स्टेट बैंक-एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह को सौंप दी गई हैं, लेकिन इससे धनशोधन के आरोप वापस लेने का कोई आधार नहीं बनता। जांच एजेंसी के अनुसार, विजय माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर चले गए थे और बार-बार समन जारी किए जाने के बाद भी जांचकर्ताओं के सामने पेश नहीं हुए। इसके बाद उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया और नवंबर 2016 में उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया। माल्या पर बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए नौ हजार करोड़ रुपये के ऋण में तीन हजार पांच सौ करोड़ रुपये के धनशोधन और गबन का आरोप है।