दिल्ली सरकार ने स्टार्टअप और इसके लिए नीतिगत ढांचे को मंजूरी दे दी है। इसके अंतर्गत नवाचार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में 400 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि निवेश की जाएगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि यह नीति दिल्ली के 11 विश्वविद्यालयों, 13 सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों, आईटीआई और सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों के लिए है। दिल्ली सरकार के स्कूलों के छात्र इन संस्थानों में इस नीति का लाभ उठा सकते हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से जारी एक बयान में कहा गया है कि सफल छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इस नीति के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए राज्य इनक्यूबेशन नीति निगरानी समिति (एसआईपीसी) का गठन किया जाएगा। इस समिति में सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग और स्टार्टअप के प्रतिनिधि शामिल होंगे। दिल्ली कैबिनेट द्वारा अनुमोदित इस नीति के अंतर्गत सरकार वार्षिक ‘दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव’ का भी आयोजन करेगी।
यह युवा नवोन्मेषकों, शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप्स, निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच प्रदान करेगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य दिल्ली को देश के नवाचार और उद्यमिता के अग्रणी केंद्रों में से एक के रूप में विकसित करना है और यह सुनिश्चित करना है कि युवाओं को अपने विचारों को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए सहायता मिले।