मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आज बूथ स्तरीय अधिकारियों – बीएलओ को मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग का जीवंत प्रतिबिंब बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की चुनावी प्रक्रिया संविधान, चुनावी कानूनों और आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार ही संचालित होती है। अहमदाबाद स्थित गुजरात विश्वविद्यालय में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में 500 से अधिक बीएलओ को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने बीएलओ को चुनाव आयोग परिवार का सबसे महत्वपूर्ण सदस्य बताया, जो देश के लगभग 9 करोड़ मतदाताओं के लिए सीधे संपर्क बिंदु के रूप में कार्य करते हैं।
भारत की चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मतदाता पंजीकरण से लेकर मतदान और मतगणना तक हर चरण में कठोर बहुदलीय सत्यापन शामिल है। उन्होंने बीएलओ से मतदाता सूचियों में पूर्ण सटीकता बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि 18 वर्ष की आयु के प्रत्येक पात्र नागरिक का नामांकन हो। उन्होंने देशभर में 11 लाख से अधिक बीएलओ के जमीनी स्तर के नेटवर्क पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने निष्पक्ष और त्रुटिरहित मतदाता सूचियों को सुनिश्चित करने में उनके समर्पण की सराहना की।