जुलाई 23, 2026 6:32 पूर्वाह्न

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केंद्र सरकार ने तमिलनाडु में 1012 करोड़ रुपये से अधिक के संयुक्त निवेश से दो ई.एम.सी. को मंजूरी दे दी

केंद्र सरकार ने तमिलनाडु में 1012 करोड़ रुपये से अधिक के संयुक्त निवेश से दो इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर (ई.एम.सी.) को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण तंत्र को मजबूत करना और इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत के प्रयासों को और आगे बढ़ाना है। यह घोषणा केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कल लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में की।
 
दोनों क्लस्टर मनल्लूर और पिल्लपाइक्कम में विकसित किए जाएंगे। मनल्लूर ईएमसी 474.3 एकड़ में फैला होगा और इसकी परियोजना लागत 587.47 करोड़ रुपये है, जबकि पिल्लपाइक्कम ई.एम.सी. 379.3 एकड़ में विकसित होगा और इसमें 424.55 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
 
सरकार ने कहा कि उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना – पी.एल.आई., प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए उदार बनाएं गए नियमों, कर सुधारों और श्रम सुधारों से पिछले एक दशक में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 2014-15 के लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में लगभग 13.11 लाख करोड़ रुपये हो गया है। मोबाइल फोन उत्पादन में तीस गुना से अधिक की वृद्धि हुई है और यह 6.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि निर्यात 2.59 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उद्योग के अनुमानों के अनुसार, भारत अब घरेलू स्तर पर बिकने वाले लगभग 99.2 प्रतिशत मोबाइल फोन का निर्माण करता है और यह क्षेत्र लगभग 25 लाख लोगों को रोजगार प्रदान करता है।
 
तमिलनाडु देश के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्रों में से एक के रूप में उभरा है।