अप्रैल 13, 2026 9:48 अपराह्न | Supreme Court

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सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने पश्चिम बंगाल मतदाता सूची याचिका को समयपूर्व बताकर खारिज किया

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने आज पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को चुनौती देने वाली याचिका को समयपूर्व बताते हुए खारिज कर दिया। पीठ के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची ने याचिकाकर्ताओं को ऐसी शिकायतों की सुनवाई के लिए गठित नामित अपीलीय न्यायाधिकरणों से संपर्क करने का निर्देश दिया।

न्‍यायालय ने कहा कि लगभग 30 से 34 लाख अपीलें लंबित हैं, जिनमें से प्रत्येक न्यायाधिकरण एक लाख से अधिक मामलों की सुनवाई कर रहा है। न्‍यायालय  ने इस बात पर जोर दिया कि उचित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए । पीठ ने यह भी  कहा कि इस स्तर पर न्यायिक हस्तक्षेप चुनावी प्रक्रिया को बाधित कर सकता है। न्‍यायालय ने कहा कि मतदान का अधिकार संवैधानिक और लोकतांत्रिक भागीदारी के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन मतदाताओं के बड़े पैमाने पर बहिष्करण से प्रक्रिया पर जब तक गंभीर प्रभाव न पड़े, तब तक चुनाव नहीं रोका जा सकता।

इस बीच, कलकत्ता उच्च न्यायालय की देखरेख में गठित 19 न्यायाधिकरणों ने अपीलों की सुनवाई शुरू कर दी है। राज्य में मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा, और मतगणना अगले महीने की 4 तारीख को निर्धारित है।