झारखंड में विशेष सत्र न्यायालय ने रांची में 8 एकड़ से अधिक जमीन से जुड़े धनशोधन मामले में मुख्यंत्री हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। न्यायालय ने कहा कि इस मामले में पर्याप्त आधार और दस्तावेज मौजूद हैं और इस स्तर पर आरोपी को बरी नहीं किया जा सकता।
पिछले साल दिसंबर में दायर अपनी याचिका में हेमंत सोरेन ने कहा था कि उनपर लगाये गये आरोप निराधार हैं और उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय के पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं। निदेशालय ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान जुटाए गए सबूत और दस्तावेज मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त हैं।