सितम्बर 15, 2026 8:06 अपराह्न | rejuvenation of Yamuna River

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छह राज्यों ने यमुना के अविरल प्रवाह के लिए किशाऊ बहुद्देशीय परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए

देश के छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने आज यमुना नदी का अविरल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए किशाऊ बहुद्देशीय परियोजना समझौते पर हस्‍ताक्षर किए। ये राज्य हैं – उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली। इस समझौते पर नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हस्‍ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर श्री शाह ने विश्‍वास व्‍यक्‍त किया कि यह परियोजना पूरी होने पर इतिहास का महत्‍वपूर्ण अध्‍याय बन जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किशाऊ परियोजना को राष्‍ट्रीय परियोजना घोषित की है। श्री शाह ने कहा, केंद्र सरकार इसका लगभग 90 प्रतिशत वित्‍तीय बोझ उठाएगी, जबकि बाकी 10 प्रतिशत भार संबंधित राज्य उठाएंगे।

श्री शाह ने कहा कि रेखा गुप्ता के दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने के बाद यमुना को साफ करने के लिए लगातार काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पानी से जुड़ा दसवां विवाद है, जो अब सुलझने वाला है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले, अगस्त 2018 में लखवार बहुद्देशीय परियोजना का विवाद सुलझाया गया था। उसी महीने शाहपुर कंडी बांध परियोजना का विवाद सुलझा। 2021 में, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट पर समझौता हुआ, जिससे बुंदेलखंड के पानी की कमी वाले इलाके को फायदा हुआ। नर्मदा परियोजना से बेघर परिवारों के पुनर्वास का विवाद इस वर्ष जुलाई में सुलझा।

इस अवसर पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय जल संसाधन सचिव और संबंधित राज्यों के मुख्य सचिव भी उपस्थित रहे।