अक्टूबर 2, 2026 10:22 अपराह्न

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निस्वार्थ सेवा भारत की संस्कृति और सभ्यतागत मूल्यों का मूल आधार: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि निस्वार्थ सेवा भारत की संस्कृति और सभ्यतागत मूल्यों का मूल आधार है। नई दिल्ली में आज आयोजित 11वें संत ईश्वर सम्मान समारोह में श्री राधाकृष्णन ने कहा कि देश के महान संतों और विचारकों ने लोगों को स्वार्थ की संकीर्ण सीमाओं से ऊपर उठकर दूसरों के कल्याण के लिए स्वयं को समर्पित करने की प्रेरणा दी है।

राष्ट्र के प्रति असाधारण योगदान के लिए सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार निस्वार्थ सेवा की भावना की पहचान और भारत की संस्कृति तथा जिम्मेदारी का उत्सव है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रत्येक नागरिक राष्ट्र की प्रगति में भागीदार है।

स्वच्छ भारत मिशन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस पहल ने दिखाया है कि कैसे जनभागीदारी एक सरकारी कार्यक्रम को जन आंदोलन में बदल सकती है। उपराष्ट्रपति ने विकास के साथ-साथ करुणा, चरित्र और सामाजिक जिम्मेदारी का आह्वान किया।