जून 12, 2026 9:09 अपराह्न

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सेबी का ध्यान गहन, पारदर्शी, सुशासित और भरोसेमंद बाजार के निर्माण पर केंद्रित है: तुहिन कांत पांडेय

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड-सेबी के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडेय ने कहा है कि गहन, पारदर्शी, सुशासित और भरोसेमंद पूंजी बाजार विकसित करने पर ध्‍यान दिया जा रहा है। मुंबई में नई विश्व व्यवस्था में अस्थिरता का सामना विषय पर आयोजित सेमिनार में उन्होंने कहा कि भारतीय पूंजी बाजार हाल के वर्षों में पश्चिम एशिया संघर्ष, टैरिफ, तेल-गैस की कीमतों व आपूर्ति में उतार-चढ़ाव, एआई बदलावों और एफपीआई निकासी जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसके बावजूद, पिछले दो महीनों में भारतीय बाजारों के माध्यम से डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी जुटाई है। इसमें लगभग 70 हजार करोड़ रुपये इक्विटी और 86 हजार करोड़ रुपये कॉर्पोरेट बॉन्ड के जरिए जुटाए गए।
 
श्री पांडेय ने बताया कि मई 2026 के अंत तक म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल संपत्ति में एसआईपी की हिस्सेदारी लगभग 21 प्रतिशत रही। नए एसआईपी पंजीकरण बंद या पूर्ण किए गए एसआईपी से अधिक हैं, जो दर्शाता है कि निवेशक अस्थिरता के बावजूद दीर्घकालिक निवेश दृष्टिकोण बनाए हुए हैं।
 
उन्होंने कहा कि अस्थिरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन इसका प्रबंधन इस तरह होना चाहिए कि बाजार व्यवस्थित रूप से कार्य करें और निवेशकों का विश्वास बना रहे। उन्होंने कहा कि जागरूक निवेशक के घबराने या गुमराह होने की संभावना कम होती है और प्रोजेक्ट जागरूक निवेशक शिक्षा को राष्ट्रीय मिशन बनाने का प्रयास है।
 
एआई पर श्री पांडेय ने कहा कि यह सेबी के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है क्योंकि यह निगरानी, जोखिम आकलन, धोखाधड़ी पहचान और निवेशक सेवाओं में सुधार कर सकता है। उन्होंने बताया कि सेबी जल्द ही पूंजी बाजार में एआई के जिम्मेदार उपयोग पर विस्तृत दिशानिर्देश जारी करेगी।