मई 26, 2026 5:44 अपराह्न | SEBI

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कॉर्पोरेट बॉन्ड जोखिम-मुक्त नहीं: सेबी अध्यक्ष तुहिन कांता

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड-सेबी के अध्यक्ष तुहिन कांता पांडे ने कहा है कि कॉर्पोरेट बॉन्ड जोखिम-मुक्त नहीं हैं। बाजार नियामक देश के ऋण बाजार को मजबूत करने और निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए  बड़े सुधारों की योजना बना रहा है। मुंबई में आज केयरएज डेट मार्केट समिट में सेबी प्रमुख ने कहा कि निपटान दक्षता, पारदर्शिता और सुलभता में सुधार के लिए ब्लॉकचेन-आधारित तकनीक का उपयोग करके कॉर्पोरेट बॉन्ड के टोकनाइजेशन के लिए एक पायलट परियोजना पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार काफी विस्तारित हुआ है, वित्तीय वर्ष 2015 में बकाया कॉर्पोरेट बॉन्ड 17 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2026 में 59 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गए हैं। श्री पांडे ने कॉरपोरेट बॉन्ड में क्रेडिट, ब्याज दर और तरलता जोखिम का जिक्र करते हुए निवेशक शिक्षा और पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया।

 सेबी अध्यक्ष ने कहा कि सेबी, रिजर्व बैंक और बाजार प्रतिभागियों के साथ मिलकर बाजार निर्माण तंत्र को मजबूत करने और द्वितीयक बाजार में तरलता बढ़ाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सेबी ऋण दलालों के लिए एक अलग नियामक ढांचा तैयार करने पर भी विचार कर रहा है।