केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा है कि भारत एक संपूर्ण दूरसंचार मूल्य श्रृंखला की ओर अग्रसर है और नियमों, उपकरणों और नवाचार को आकार देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। नई दिल्ली में आयोजित 10वें इंडिया मोबाइल कांग्रेस -आईएमसी के दौरान उच्च स्तरीय सीईओ गोलमेज सम्मेलन में यह बात कही। श्री सिंधिया ने भारत के दूरसंचार क्षेत्र के अगले चरण को आकार देने में सरकार और उद्योग के बीच साझेदारी आधारित दृष्टिकोण के महत्व पर बल दिया। उन्होंने देश के विस्तारित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, उभरती प्रौद्योगिकियों, नवाचार और आर्थिक विकास के लिए एक मूलभूत प्रवर्तक के रूप में दूरसंचार की बढ़ती भूमिका की भी चर्चा की।
गोलमेज सम्मेलन में प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाताओं, नेटवर्क उपकरण निर्माताओं, प्रौद्योगिकी और डिजिटल बुनियादी ढांचे की कंपनियां, उद्योग सलाहकार संगठनों तथा उद्योग जगत के प्रमुखों ने भाग लिया। इसमें दूरसंचार अवसंरचना को उन्नत करना, नवाचार को बढ़ावा देना और भारत के डिजिटल विकास के अगले चरण को सहयोग देने के लिए स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने तेजी से विकसित हो रही दूरसंचार मूल्य श्रृंखला पर भी ध्यान केंद्रित किया, इनमें विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता-एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग, उन्नत कनेक्टिविटी, बुद्धिमान नेटवर्क और अगली पीढ़ी की संचार प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।
इस सम्मेलन में घरेलू क्षमताओं को मजबूत करने, नवाचार को बढ़ावा देने, लचीला डिजिटल बुनियादी ढांचा बनाने और सतत निवेश और तकनीकी प्रगति को समर्थन देने के लिए अनुकूल नीतिगत वातावरण बनाने पर भी विचार-विमर्श किया।