विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि रोबोटिक्स निदान, उपचार और चिकित्सा सहित चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपकरण बनने जा रहा है। नई दिल्ली में आज सोसाइटी ऑफ रोबोटिक सर्जरी (एसआरएस) के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. सिंह ने कहा कि रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नैनो विज्ञान सटीक और व्यक्तिगत स्वास्थ्य सेवा के लिए पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करेंगे। डॉ. सिंह ने कहा कि भविष्य में रोबोटिक मेडिसिन, रोबोटिक एंडोक्रिनोलॉजी और रोबोटिक कार्डियोलॉजी का उदय हो सकता है, ठीक उसी तरह जैसे एआई विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में अपने अनुप्रयोग खोज रहा है। जीनोम इंडिया कार्यक्रम का जिक्र करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि दस हजार व्यक्तियों का जीन अनुक्रमण पहले ही किया जा चुका है और भविष्य में प्रत्येक नवजात शिशु के जीन अनुक्रमण की आशा है। उन्होंने कहा कि एआई, रोबोटिक्स और टेली-रोबोटिक्स भौगोलिक सीमाओं के पार विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में सहायक हो सकते हैं।
डॉ. सिंह ने कहा कि भारत की स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं का पैमाना और विविधता नई प्रौद्योगिकी को अपनाना विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाती है। उन्होंने कहा कि एआई और रोबोटिक्स देश में स्वास्थ्य सेवा वितरण के लिए शक्तिशाली सहायक उपकरण के रूप में कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये सटीक और व्यक्तिगत चिकित्सा की ओर संक्रमण का समर्थन भी कर सकते हैं। डॉ. सिंह ने एसआरएस इंडिया 2026 के आयोजकों को रोबोटिक सर्जरी को संस्थागत शिक्षा, अकादमिक जगत और पेशेवर सम्मेलन मंचों के दायरे में लाने के लिए बधाई दी।