वित्त मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों ने वित्त वर्ष 2025-26 में ऋण देने के मामले में ज़बरदस्त बढ़ोतरी की है। वर्ष के दौरान, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के ‘प्राथमिक क्षेत्र ऋण’ फ्रेमवर्क के तहत इन बैंकों का प्रदर्शन मज़बूत रहा।
हालांकि, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कुल बकाया ऋण में 2024-25 के मुकाबले, 10 दशमलव 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई जो 2025-26 में 5 लाख 78 हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा का था।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों ने सबसे अधिक ऋण खेती और उससे जुड़े कारोबार के लिए दिया।
इन बैंकों ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम यानी MSME क्षेत्र को दिया गया लगभग 67 हज़ार करोड़ रुपये का ऋण दिया जो ग्रामीण उद्यमिता और रोज़गार पैदा करने में इन बैंकों की अहम भूमिका को दर्शाता है।