प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमा के राष्ट्रपति ऊ मिन आऊं लाइन् के बीच नई दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं के बीच ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंधों को और सुदृढ़ करने के लिए वार्ता हुई। बातचीत के दौरान म्यांमा और भारत के बीच सुरक्षा और संपर्क सहित दोनों देशों के संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई।
म्यांमा के राष्ट्रपति आज शाम राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। वे राष्ट्रीय राजधानी में राय पिथोरा सांस्कृतिक परिसर में ‘प्रकाश और कमल जागृत व्यक्ति के अवशेष’ प्रदर्शनी का भी दौरा करेंगे। प्रदर्शनी में गौतम बुद्ध से संबंधित पिपरावा अवशेषों के साथ-साथ उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण प्राचीन वस्तुएं प्रदर्शित की जा रही हैं।
म्यांमा के राष्ट्रपति शनिवार को पांच दिन की भारत यात्रा पर बिहार के गया पहुंचे थे। उनके साथ कई कैबिनेट मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापारिक नेताओं सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल है। यह उनकी पहली भारत यात्रा है। म्यांमा के राष्ट्रपति व्यापार और उद्योग जगत के साथ बातचीत के लिए कल मुंबई भी जाएंगे।
म्यांमा भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’, ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘महासागर’ नीतियों के संगम पर स्थित है। राष्ट्रपति ऊ मिन आऊं लाइन की भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों को और अधिक मजबूती मिलने की आशा है।