प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की आत्मकथा ‘भारतीय गणराज्य की विजय: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष’ का विमोचन किया। यह आत्मकथा श्री कोविंद के उल्लेखनीय जीवन सफर का एक व्यक्तिगत विवरण प्रस्तुत करती है। इसमें उनके प्रारंभिक जीवन से लेकर उनके विशिष्ट सार्वजनिक जीवन और भारत के 14वें राष्ट्रपति के रूप में उनकी सेवा तक के अनुभवों, संघर्षों और उपलब्धियों का वर्णन है। यह पुस्तक उन मूल्यों, अनुभवों और परिस्थितियों की जानकारी देती है जिन्होंने उनके जीवन और सार्वजनिक सेवा को आकार दिया।
इस अवसर पर श्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में राम नाथ कोविंद का मार्गदर्शन उनके लिए शक्ति का एक बड़ा स्रोत रहा है। उन्होंने कहा कि श्री कोविंद की आत्मकथा न केवल उनके जीवन, व्यक्तित्व और योगदानों की जानकारी प्रदान करेगी, बल्कि भारतीय लोकतंत्र और समाज के लिए एक विरासत भी बनेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी, राम नाथ कोविंद सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं और एक राष्ट्र, एक चुनाव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम करना जारी रखे हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने युवा पीढ़ी से राम नाथ कोविंद के जीवन की कहानी उन्हीं के शब्दों में जानने और उनके लेखन और अनुभवों को पढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी, बाबासाहेब अंबेडकर, ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले जैसी महान हस्तियों ने भारत के पुनर्निर्माण का सपना देखा था, एक ऐसा भारत जहां सबसे गरीब और वंचित लोगों को भी सर्वोच्च पदों तक पहुंचने का अवसर मिले। श्री मोदी ने कहा कि राम नाथ कोविंद जैसे व्यक्तित्वों ने अपनी कड़ी मेहनत और क्षमताओं से न केवल अपना जीवन बदला है, बल्कि सदियों पुराने उन सपनों और विचारों को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर श्री कोविंद ने कहा कि राजनीति केवल सत्ता हासिल करने का साधन नहीं है, बल्कि राष्ट्र की सेवा करने का एक साधन है। उन्होंने कहा कि शिक्षा अनगिनत संभावनाओं के द्वार खोलती है और जीवन में नई दिशाएं और असंख्य अवसर प्रदान करती है। श्री कोविंद ने कहा कि आज प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करोड़ों लोगों को रहने के लिए छत मिली है।