नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ पचास लाख से अधिक परिवारों को मिल चुका है। आज नई दिल्ली में आयोजित भारतीय उद्योग परिसघ-सीआईआई के अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन में उन्होंने बताया कि उन्नीस लाख परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है। श्री जोशी ने कहा कि योजना के अंतर्गत बारह लाख से अधिक परिवारों ने अतिरिक्त बिजली बेचकर चार सौ इक्कीस करोड़ रुपये कमाए हैं। गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के बारे में केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि देश वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
श्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि छत पर सौर पैनल लगाने का काम में महज नौ महीनों में लगभग सवा तीन गुना की वृद्धि हुई है। यह अक्टूबर 2025 में प्रतिदिन पांच हजार से बढ़कर जुलाई 2026 में प्रतिदिन 16 हजार से अधिक हो गई है।
इस कार्यक्रम के दौरान भारत के सतत ऊर्जा भविष्य के लिए तकनीकी रोडमैप भारत के ऊर्जा प्रौद्योगिकी विकल्प 2030-2047 जारी किया गया। श्री जोशी ने अत्याधुनिक स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।
इस्पात और भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने इस अवसर पर कहा कि वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण करना होगा। भारत को विश्व का दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक बताते हुए उन्होंने कहा कि बढ़ते बुनियादी ढांचे और विनिर्माण आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ टिकाऊ इस्पात की बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए भारत स्थिति बेहतर है।