प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रधानमंत्री-आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्यों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री और परिषद ने वैश्विक उथल-पुथल के दौर में भारत की आर्थिक वृद्धि को और बढ़ावा देने के लिए कई विचारों और उपायों पर चर्चा की। जीवनयापन और व्यापार को सुगम बनाने के लिए विभिन्न सुधारों पर भी विचार-विमर्श किया गया। सदस्यों ने भारत और विश्व पर पश्चिम एशिया संघर्ष से पड़ने वाले प्रभाव का भी आकलन प्रस्तुत किया।
सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने भारत के आर्थिक परिवर्तन और दीर्घकालिक विकास प्राथमिकताओं से संबंधित व्यापक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। सभी सदस्यों ने सुधार यात्रा को और गति देने तथा जीवनयापन और व्यापार में सुगमता सुनिश्चित करने के लिए भी अपने विचार साझा किए।
आर्थिक सलाहकार परिषद एक स्वतंत्र निकाय है जो भारत सरकार विशेष रूप से प्रधानमंत्री को आर्थिक और संबंधित मुद्दों पर सलाह देती है। आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्यों के अलावा, प्रधानमंत्री के दो प्रधान सचिव डॉ. पी. के. मिश्रा और शक्तिकांत दास भी बैठक में उपस्थित थे। वर्तमान में परिषद में अध्यक्ष, तीन पूर्णकालिक सदस्य और 11 अंशकालिक सदस्य हैं। एस. महेंद्र देव इसके अध्यक्ष हैं, जबकि संजय कुमार मिश्रा, संजीव सान्याल और शमिका रवि पूर्णकालिक सदस्य हैं।