प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कैप्टन स्मित मच्छर से फ़ोन पर बात की। उन्होंने इज़राइल जा रही फ्लाईदुबई की फ़्लाइट को क्रैश कराने की कथित कोशिश को नाकाम करने में कैप्टन मच्छर की बहादुरी और सूझबूझ की तारीफ़ की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय वे लोग नहीं हैं जो दूसरों की जान लेते हैं, बल्कि वे हैं जो दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को तैयार रहते हैं। उन्होंने कैप्टन मच्छर की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने पलक झपकते ही जो फ़ैसला लिया, उससे सैकड़ों यात्रियों की जान बच सकी।
बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ़्लाइट के कॉकपिट में सहयोगी पायलट के हमले में कैप्टन मच्छर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। फ़्लाइट में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। पायलट का अभी संयुक्त अरब अमीरात के अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
अस्पताल से प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में कैप्टन मच्छर ने कहा कि 17 वर्ष के फ़्लाइंग अनुभव ने उन्हें हालात की गंभीरता को समझने और तुरंत कार्रवाई करने में मदद की। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि वे देश से दूर हैं, लेकिन देश की संस्कृति से नहीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पायलट के जल्द ठीक होने के लिए पूरे भारत में विशेष प्रार्थनाएं की जा रही हैं। श्री मोदी ने उनके इलाज का इंतज़ाम करने के लिए सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की सरकारों का आभार प्रकट किया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कैप्टन मच्छर ने भारतीय पायलट समुदाय का मान बढ़ाया है। आज गांधी जयंती का ज़िक्र करते हुए मोदी ने कहा कि पायलट ने दुनिया को अहिंसा का असली मतलब दिखाया है।
गुजरात के निवासी कैप्टन मच्छर ने फ़ोन करने के लिए प्रधानमंत्री का आभार प्रकट किया और कहा कि उन्हें श्रेष्ठ उपचार मिल रहा है। श्री मोदी ने कैप्टन से थोड़ी देर गुजराती में भी बात की।